Tuesday, October 16, 2018

Aurangabadian

शहर का सबसे व्यस्तम इलाका भखरुआं मोड़ पे बिन बरसात जल जमाव

बिन बरसात जल जमाव

दाउदनगर औरंगाबाद . दाउदनगर अनुमंडल का भखरुआं मोड़ का इलाका एक बार फिर से जलमग्न हो चुका है यह इलाका दाउदनगर का सबसे व्यस्ततम इलाका है .



भखरुआ से बाजार आने वाले दोनों रास्ते में पूरी तरह जल जमाव उत्पन्न हो चुका है . लोगों का कहना है कि यह पानी नाली से प्रतिदिन निकल रहा है और नाली जाम होने के कारण जलनिकासी अवरुद्ध हो चुका है तथा सड़क पर जलजमाव व्याप्त है


इस सड़क से प्रतिदिन लगभग हजारों लोगों का आवागमन होता है जल जमाव के कारण लोगों को काफी परेशानी उत्पन्न हो रही है . पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है . वाहन चालक भी परेशानी झेल रहे . लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है , लेकिन इस तरफ ध्यान किसी का नहीं .



यह इलाका नगर पर्षद क्षेत्र में नहीं है , बल्कि तरारी पंचायत का इलाका है . एक सप्ताह से जलजमाव व्याप्त है और इसका किसी भी प्रकार से कोई समाधान नहीं दिख रहा है . Input prabhatkhbr
.


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Monday, October 15, 2018

Aurangabadian

अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन पर ट्रेन से कटकर युवक की मौत


ओबरा औरंगाबाद :अनुग्रह नारायण
रोड स्टेशन के पश्चिमीगुमटी के पोल
संख्या- 528के पास रवीवार को ट्रेन से
कटकर युवक की मौत हो गई



युवक की
पहचान नहीं हो सकीहै।बताया जाता है।
कि युवक की मौत गरीब रथट्रेन के चपेट
में आने से हुई है।युवक रेल ट्रैक पार
कर रहा था कि यह हादसा हुआ।टना
की जानकारी स्टेशन प्रबंधक संजय
पासवान ने दियाहै।

टेंपो पलटने से चार घायल
मदनपुर  थाना के
खिरियावां मोड़के पास जीटी रोड पर
रविवारको टेंपो पलट गया।टेंपो पर सार
चारयात्री घायल हो गए



। शेखाटी के
मोहम्मद आरिफ. आमसथाना के नौगढ़
गांव की महेशरीदेवी. मोहन साव एवं
बुआ गांIकी सुनीता देवी का इलाज
प्राथमिक स्वास्थ्ौं मदनपुर में कराया गया।
गंभीररूप से घायल मोहन साव कोबेहतर
इलाहेतु चिकित्सकों ने रेफरकिया है।
" से टेंपोद्वारा घरलौट रहे
थे, इौ बीघाखिरियावां मोड़ के पास जीटी
रोड परटेंपो असंतुलित होकर पलट गई। input jagran



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Sunday, October 14, 2018

Aurangabadian

पुलिस वालों और थाना अध्यक्ष को गाँव वालों ने दौड़ा दौड़ा के पीटा Aurangabad Beats


न्यायालय से वारंट के बाद फरार चल रहे आरोपित केदार यादव को गिरफ्तार करने पिपराही गांव गयी रफीगंज पुलिस पर लोगों ने हमला कर दिया हमलावरों ने पथराव कर पुलिस जीप को क्षतिग्रस्त करते हुए पुलिस पदाधिकारियों व जवानों को दौड़ा - दौड़ा कर पीटा


जिसमें दारोगा मो अरमान व जेपी सिंह चौकीदार लखन पासवान व साथ में पहले से गिरफ्तार किये गये चौबड़ा गांव के एक अन्य अभियुक्त राजेंद्र यादव जख्मी हो गये इन सभी का इलाज रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया दारोगा मो अरमान की गंभीर हालत होने पर उन्हें डॉक्टरों ने पटना रेफर कर दिया . पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है


. जानकारी के अनुसार , शनिवार की अहले सुबह रफीगंज पुलिस वारंटियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही थी . पुलिस ने सबसे पहले चौबड़ा गांव में वारंटी राजेंद्र यादव को गिरफ्तार किया राजेंद्र को लेकर पुलिस की टीम बारंटी केदार यादव को पकड़ने के लिए पिपराही गांव पहुंची . केदार यादव के घर पहुंच कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया . इसी बीच घर के लोग चोर - चोर का शोर मचा कर गांववालों को इकट्ठा कर दिया जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया .


सबसे

बड़ी बात यह थी कि पुलिस पर पुरुषों के साथ साथ महिलाओं ने भी हमला बोला . पहले पुलिस की जीप को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और फिर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी . अचानक हुए हमले से पुलिसवाले भागने लगे लेकिन आक्रोशितों ने उन्हें खदेड़ खदेड़ कर पीटा और ईंट , पत्थर से भी हमला किया . पथराव में दो दारोगा , चौकीदार व पहले से गिरफ्तार एक वारंटी जख्मी हो गये . किसी तरह भाग कर सभी अस्पताल पहुंचे और थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा को सूचना दी .


Input prabhat khabar
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18 से ऊपर के आयु के लोग मतदाता सूची में अपना नाम जरूर दर्ज कराएं लास्ट डेट का बस कुछ ही समय बचा है Aurangabad Beats

Voter list in aurangabad
Voter list in aurangabad

सच्चिदानंद सिन्हा महाविद्यालय में निर्वाचक साक्षरता क्लब का शुभारंभ जिलाधिकारी राहुल रंजन महिवाल ने शनिवार को फीता काट कर व दीप जला कर किया कॉलेज के ऑडिटोरियम हॉल में जिलाधिकारी राहुल रंजन महिवाल ने कहा कि वह भी औरंगाबाद में इस बार मतदान करेंगे


.


 उन्होंने दूसरे जिले से नाम कटवा लिया है और मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवेदन दिया है . अगर 100 मतदाता हैं , तो 60 मतदाता ही घर से निकलते हैं . ऐसे में सशक्त लोकतंत्र का गठन नहीं हो पाता है . इसलिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा ' 
संख्या में मतदाता अपने मतों का प्रयोग करें . 

इस दौरान शपथ भी ली गयी . ऑडिटोरियम में बैठे सभी लोगों ने हाथ ऊपर कर कहा कि वह निःस्वार्थ भाव से ना किसी के दबाव में आकर ना किसी लोभ में आकर अपने मत का प्रयोग करेंगे . डीएम ने कहा कि नैतिकता के आधार पर वोट करना चाहिए अंतरात्मा की आवाज सुन कर वोट करना चाहिए धमकी से वोट नहीं देना चाहिए और नहीं लेना 

चाहिए दिव्यांग मतदाता भी मतदान केंद्र पर पहुंचे और उन्हें फॉर्म भरवाने में सहयोग करें सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज में निर्वाचक साक्षरता क्लब का शुभारंभ किया गया है इसमें ज्यादा से ज्यादा 18 से 20 वर्ष के युवक - युवतियों जुड़े और मतदाता पहचान पत्र बनवाएँ .


सभा को संबोधित करते हुए उप निर्वाचन पदाधिकारी जावेद इकबाल ने कहा कि औरंगाबाद जिले की आबादी 31 लाख है जिसमें 


मतदाता सूची में 17 लाख 20 हजार का नाम है जिले में ऐसे छात्र - छात्राएं हैं जिनकी उम्र 18 से 19 वर्ष है उनकी संख्या 1 लाख 31हजार है , जो अब तक मतदाता सूची में नाम नहीं जुड़ पाए हैं वे 31 अक्तूबर तक मतदाता सूची में नाम जुड़वा ले


.

 कॉलेज निभायेगा महत्वपूर्ण भूमिका : कॉलेज प्राचार्य डॉ वेदप्रकाश चतुर्वेदी ने कहा कि सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज इस काम को बखूबी निभाएगा . भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र वाला देश है । सबसे ज्यादा मतदाता भारत में होते हैं । प्राचार्य ने सभी अतिथियोंको पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया इस मौके पर एसडीओ डॉ प्रदीप कुमार , बीडीओ प्रभाकर सिंह प्रो रामाधार सिंह , अनिल कुमार , ओम प्रकाश सिंह अमित मिश्रा , मनोज कुमार सिंह , रेडक्रॉस सचिव दीपक कुमार सिन्हा कॉलेज अध्यक्ष आशिका सिंह नागेंद्र कुमार सिंह सहित काफी संख्या में छात्र छात्राएं मौजूद थे
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Saturday, October 13, 2018

Aurangabadian

देवकुण्ड और उमगा के मंदिर से ज्यादा ऐतिहासिक है अम्बा का ये मंदिर Amba Mandir

amba temple aurangabad.
amba temple aurangabad.






Amba satbahni mandir. अम्बा सतबहनी मंदिर अम्बा औरंगाबाद जिला मगध का महत्वपूर्ण अंग है . जिले में देव सूर्य मंदिर अपनी प्राचीनता के लिए विश्व में जाना जाता है . इसके अलावा देवकुंड उमगा सूर्य मंदिर का भी प्राचीन इतिहास रहा है . आधुनिक युग में भी जिले में कई मंदिर श्रद्धालुओ की आस्था का केंद्र है , जिनमें सर्वाधिक चर्चित मंदिर है अंबा का मां सतबहिनी मंदिर , मां सतबहिनी का मंदिर एनएच 139 सड़क किनारे होने से कई राज्य के श्रद्धालुओं को इनमें गहरी आस्था है .



नवीनगर का गजनाधाम कुडंबा का महुआधाम भी आधुनिक युग में आस्था का चर्चित मंदिर है . उक्त मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालु पहुंचकर पूजा - अर्चना करते हैं . शारदीय नवरात्र में दूर दूर से श्रद्धालु आकर मां सतबहिनी की पूजा कर मन्नतें मांग रहे हैं . सुबह छह बजे से ही मंदिर में पूजा अर्चना करने वालों की भीड़ उमड़ती है . कैसा है मांसतबहिनी का स्तरूप सर्व प्रथम मंदिर के स्वरूप को जानें तो सात बहन व एक भैरो बाबा के पिंड की स्थापना वेदी पर है . ठीक उसके ऊपर चांदी के धातु से प्रतीकात्मक स्वरूप बना है , पूर्व में यहां जिस बरगद के नीचे मां की वेदी थी , उसे भी दक्षिण भारतीय वास्तुकारों ने प्रतिकृति के रूप में उकेरा है . दूसरे तल पर देवी - देवताओं की मूर्तियां जयपुर से मंगा कर लगायी गयी हैं , जो अत्यंत सुंदर हैं . मंदिर के निर्माण में वास्तुकारों ने नागर व द्रविड़ शैली के मिश्रण के साथ किया है .



गुंबद में नागर शैली का प्रतीकात्मक स्वरूप को स्थान दिया गया है , वास्तुकारों ने आधार भाग को वर्गाकार बनाया है . वहीं गर्भग्रह के ऊपर का चारों ओर का भाग पिरामिड नुमा जिससे द्रविड़ शैली का आभास होता है . मंदिर नवीनतम स्थापत्य कला का अनूठा उदाहरण है . नवरात्र में लगती है भक्तों की भीड़ : नवरात्र में मां की पूजा - अर्चना को लेकर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है . श्रद्धालु मां की वेदी पर चुनरी चढ़ाते हैं . नारियल की बलि देकर देवी की बलि प्रथा का भी पालन किया जाता है . नवरात्र में यहां मेला भी लगता है . मंदिर में पूजा करने आये लोग बताते हैं कि मां की महिमा अपरंपार है जिसने भी सच्चे 


 मन से इनकी पूजा कर इनसे मन्नतें मांगी । वह पूर्ण हुआ है . बच्चे की नौकरी हो या कृषि कार्य सब में मां का स्नेह मिलता है . स्थानीय लोगों ने , कहा कि बगैर आस्था यहां कौन पहुंचता ? जैसे जैसे लोगों ने मां की पूजा अर्चना की मां की शक्ति से सबों ने लाभ पाया है . आज यहां एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु आ रहे है शक्तिस्वरूपा मां सतबहिनी स ब क  ी क  ा म न 7 । - मनोकामना पूर्ण करने के वाली हैं . 


मां की कृपा से लौट आयी थी आंखों की रोशनी 
पूर्व में एनएच 139 के किनारे बरगद के पेड़ के नीचे सातो देवी का पिंड था . अंबा स्थित मां सतबहिनी की एक कथा प्रचलित है . लोग बताते है पूर्व में चिल्हकी के एक जमींदार हुआ करते , जिनका नाम महाराजा पांडेय था . महाराजा पांडेय के परिवार के किसी सदस्य की आंखर्यों की रोशनी चली गयी थी जिसके बाद उसी बरगद का दूध महाराजा पांडेय के परिजन के आंख में डालने के बाद उनकी रोशनी लौट आयी उसी रात उन्हें मां सतबहिनी ने स्वन दिया . स्वन में मां ने श्री पांडेय को उसी जगह पर मंदिर का निर्माण कराने को कहा . इसके बाद उनके द्वारा भव्य मंदिर का निर्माण कराया input prabhat khabar 





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Friday, October 12, 2018

Aurangabadian

देवकुण्ड में केन्द्रीय विद्यालय का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होगा।

kendriya vidhyalay deokund aurangabad

गोह प्रखंड के देवकुंड स्थित रामशरण यादव कॉलेज के प्रांगण में कॉलेज के संस्थापक स्वर्गीय रामशरण यादव की आदमकद प्रतिमा का अनावरण केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद उपेंद्र कुशवाहा किया


इस दौरान मंत्री श्री कुशवाहा ने स्वर्गीय रामशरण बाबू के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार के महाविद्यालय की स्थापना कर उन्होंने निश्चित तौर पर क्षेत्र का मान बढ़ाया है . निश्चित रूप से उन्होंने इस महाविद्यालय के उत्थान के लिए अथक परिश्रम किया होगा . उन्होंने महाविद्यालय के प्राचार्य सह संस्थापक प्राचार्य सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक , शिक्षिकाओं और छात्र - छात्राओं के स्वर्णिम भविष्य की कामना भी की .


मंत्री ने कहा कि देवकुंड को बहुत जल्द केंद्रीय विद्यालय की सौगात मिलेगी एक सप्ताह के भीतर केंद्रीय विद्यालय का निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है . उन्होंने कहा कि जब देवकुंड में केंद्रीय विद्यालय बनाने की घोषणा की गयी थी , तब लोगों को विश्वास नहीं हो रहा था . लोग कहते थे कि सुदूरवर्ती इलाके में केंद्रीय विद्यालय कैसे बनेगा . उन्होंने विद्यालय निर्माण को लेकर भूमिदान देने में मठाधीस को धन्यवाद दिया 


और कहा कि मठाधीस द्वारा राज्यपाल के नाम से जमीन लिख दिया गया । है . अब मात्र केंद्र को ट्रांसफर होने में देर है , वह भी एक सप्ताह के अंदर पूरी हो जायेगी . इसकी सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है . उन्होंने प्राचार्य द्वारा मांग किये जाने पर महाविद्यालय में कमरे की कमी को पूरा करने की घोषणा की . कार्यक्रम की अध्यक्षता वरीय शिक्षक रामकुमार सिंह व कार्यक्रम की देखरेख राम इकबाल सिंह ने किया .


इससे पूर्व महाविद्यालय की छात्रा 


सपना कुमारी अनदलिव खातून स्वीटी कुमारी मधु कुमारी किरण ज्योति कुमारी जया कुमारी , नेहा कुमारी ने गीत के माध्यम से मंत्री व आगत अतिथियों का स्वागत किया तदुपरांत केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा , ई सुनील शर्मा , रामाश्रय प्रसाद सिंह प्रो रवींद्र कुमार , झलकदेव सिंह ने संयुक्त रूप से दिप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की . इस मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष ई सुनील शर्मा , रामाश्रय प्रसाद सिंह , 

अजय कुमार धनंजय कुमार , सत्येंद्र नारायण रामप्रवेश यादव मुसरफ खान मनोज यादव पिरु मुखिया नागेंद्र कुमार उर्फ राईट , रालोसपा प्रखंड अध्यक्ष गुड्डू कुशवाहा जिला महासचिव राकेश कुमार रोशन विनोद मेहता , उमाशंकर यादव अशोक मेहता विकास मेहता , सुरेंद्र यादव झलकदेव सिंह , राम एकबाल सिंह सचिव रणविजय कुमार , अख्तियार खान , विनोद मेहता आदि मौजूद थे . " input prabhat khabar. Photo kvaurangabad

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Thursday, October 11, 2018

Aurangabadian

आस्था व विश्वास का प्रतीक है औरंगाबाद के उमगा मंदिर Umga temple is the symbol of faith and trust

umga temple Aurangabad
umga temple Aurangabad

उमगा मंदिर औरंगाबाद। umga temple Aurangabad औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र में उमगा पहाड़ पर स्थित मां उमंगेश्वरी का स्थान आस्था व विश्वास का प्रतीक है . पर्यटन के दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण उमगा तीर्थस्थान पूरे क्षेत्र विख्यात है .


मनोरम प्रकृति के बीच हजारों वर्ष पूर्व निर्मित मंदिरों व उनमें स्थापित देवी देवताओं के दर्शन कर श्रद्धालु अपने आप को धन्य मानते हैं . उमगा सूर्य मंदिर में अवस्थित शिलालेख में वर्णित है ' याते तर्क नवाग्र बुद्धिन गुणिते सम्वत् सरे विक्रमे वैशाखे गुरू वासरे शिवशरे पक्षे तृतीय तिथौ रोहिण्यां पुरुषोत्तम भुद्रा सुभद्रा प्रतिष्ठान पथदैक देव विधिनः श्री भैरवेंद्रण इन तथ्यों को अवलोकन करने मात्र से ही यह स्पष्ट हो जाता है कि विक्रम संवत 1946 वैशाख तृतीया गुरुवार के दिन उमगा राज्यवंश के 13 वें खानदान के राजा भैरवेंद्र ने भगवान जनार्दन बलिराम व सुभद्रा की प्राण प्रतिष्ठा देव विधान से विद्वान पंडितों द्वारा करायी थी


. और शेर को मारा था अइल ने 
उमगा का इतिहास काफी पुराना है . यूं तो जैसा कि नाम से ही स्पष्ट होता है कि उमगा उमंगा का ही विकृत रूप है . उमगा राज्य अपने था , समय वांकुड़े राजे रजवाड़े मास में खेलने चरमोत्कर्ष उस वीर सावन आखेट के लिए पूरे भारत वर्ष से इस पर आया करते थे आखेट कौशल का आनंद ऐसा कहीं नहीं मिलता था , तभी तो इसका नाम उमंगा रखा गया था . प्राचीन ग्रंथों व शोधों से जो बातें सामने आयी उसके अनुसार यह क्षेत्र कोल - भीठम आदिवासी राजा दुर्दम का क्षेत्र था . शुरू में अइल व इल नामक दो भाई आखेट खेलने आये थे . आखेट के दौरान अपनी बहादुरी से दोनों भाइयों ने शेर को पटक कर मार दिया था . इससे प्रभावित राजा ने प्रसन्न होकर अपनी एकमात्र पुत्री की शादी अइल से कर दी . साथ ही घर जमाई बना कर रखना कबूल करवा लिया . दूसरे भाई अपने देश चले गये . 

उमगा पहाड़ पर हैं 52 मंदिर

 उमगा पहाड़ पर 52 मंदिरों की श्रृंखला है . उमगा पहाड़ स्थित सूर्य मंदिर मां उमंगेश्वरी मंदिर गौरी शंकर मंदिर का अपना इतिहास है . पहाड़ पर बहुमूल्य मूर्तियों की भरमार है . पहाड़ पर प्राकृतिक छटा देखते ही बनती है .


कलाकृतियों व ऐतिहासिक धर्मस्थल की भरमार है बिखरी पड़ी मूर्तियों के संग्रह के लिए एक संग्रहालय का होना आवश्यक है . यह पहाड़ी पर्यटन के मानचित्र से दूर है . सदियों से उमगा मंदिर विख्यात रहा है . इसकी पुष्टि 18वीं सदी के ब्रिटिश चित्रकार विनियम डेनियल ने भी उमगा आकार मंदिर की पेंटिंग बनाकर कर दी है . पहाड़ी के नीचे तलहटी में सड़क से लगा हुआ पोखरा भी है . उमंगश्वरी मंदिर में वैष्णव और शाक्त सभी एक ही छत के नीचे हैं . मां के बगल में मार्तड भैरव की मूर्ति है . यह दुर्लभ स्थान है , क्योंकि शाक्त और वैष्णव की पूजा एक साथ होती है . भगवती उमंगेश्वरी के मंदिर में श्रद्धालुगण बली पूजा कर अपनी कामना सिद्ध करते हैं . मां के बगल में मार्तड भैरव है . उनकी पूजा वैष्णव रूप में की जाती है . मनोकामना पूर्ण होने पर मां को भक्तगण ढकना में मिट्टी के बर्तन ) चावल के आटे का भेड़ा का स्वरूप बनाकर भोग लगाते । और मां को प्रसन्न करते हैं .


यह ऐसा दुर्लभ स्थान है कि लाखों टन काचट्टान एक छोटा से बिंदु पर टिका हुआ , जो एक रहस्य है . यहां पर श्रद्धालु विशेष रूप से माघ माह के गुप्त नवरात्र में अपनी मनोकामना लेकर मां के दरबार में आते है और उनकी मनोकामाना पूर्ण भी होती है . 
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