Thursday, March 30, 2017

Umar Umar

Historical Daudnagar fort|Daudnagar kila|दाउदनगर किला

 Historical Daudnagar fort|Daudnagar kila|दाउदनगर किला
 Historical Daudnagar fort|Daudnagar kila|दाउदनगर किला
औरंगाबाद जिला मुख्यालय से ३० कि0 मी0 की दूरी पर अवस्थित दाउदनगर सोन नदी के पूर्वी किनारे पर बसा है जिसे दाउद खॉ ने १७ वी शताब्दी में बसाया थाा दाउद खॉ मुगल समा्रट औरंगजेब के शासन काल में बिहार गवर्नर थे ा उन्होने चेर राजा से पलामू जिला को जीता था, जिसके कारण वे प्रसिद हुए।

 चेर विजय प्राप्त कर लौटने के क्रम में दाउद खॉ ने यहॉ अपना शिविर डाला। और उन्हें ये काफी पसंद आई जिसके फलस्वरूप उन्होंने अपने नाम से दाउदनगर को स्थापित किया औरंगजेब ने आस-पास के इलाको की जागीर इनके सुपुर्द कर दी। कहा जाता है कि इनके इनके शासन काल मे हर तरह के धर्म के लोग मानने वाले थे। उस समय मे उनके दरबार मे या सेना में जाट धर्म के मानने की संख्या अधिक थी । परंतु मजदा समय मे दाउदनगर में जाट समुदाय के लोग की संख्या न के बराबर है।

ऐसा कहा जाता है कि लगभग 200 वर्ष पूर्व डॉ फ्रासिस बुकानन ने इस शहर का दौरा किया तथा इसे उन्नतशील नगर के रुप में देखा था । यहॉ कपडे एवं अफीम की फैक्ट्रिया थीा दाउद खॉ ने यहॉ किलानुमा सराय बनाया था जिसे आज दाउद खॉ के किला के नाम से जाना जाता हैा इसमे दो विशाल प्रवेश दार थे ।

१८९६ के कुछ वष पूर्व तक यह सराय अच्छी स्थिति में थी । किले के दोनो दरवाजे नियमित रुप से बन्द हुआ करते थे । लेकिन मौजूदा समय मे परिस्थिति बिल्कुल विपरीत है इसे अच्छी देख रेख के अभाव में अब ये किला बिल्कुल खंडहर में बदल गया है। इतना ही नही अब इस किले के आस पास की जमीन भी स्थानीय लोगो के द्वारा कब्जाने की खबर भी आई है। लेकिन प्रसासन के इस अनदेखा से हो सकता है हमारे अति प्राचीन दाउदनगर की किला बस लोगो के बीच नाम ही रह जाये।

 कर्नल डॉल्टन ने दाउद खॉ के वंशजो के पास सुरझित उस स्मृति चिन्ह को सन १८७४ ई0 में देखा था जो पलामु किले पर दाउद खॉ की विजय स्मृति चिन्ह स्वरुपइस अवसर का विशाल चित्र बनाया गया था यह ३०' x
१२ के कपडे पर बना थाा
दादउनगर किला बिहार सरकार के पुरातत्व निदेशालय दारा संरझित धोसित किया गया है तथा इसके संरझण हेतु आवंटन भी प्राप्त हुआ हैा सरकार की एक अच्छी पहल के कारण किले चारो तरफ चारदीवारी बनाई गई है।

अगर आप चाहते है की ऐसे ही बेहतरीन आर्टिकल पढना तो आप अपना ईमेल आई डी यहाँ डाले और सीधे पाए लेख अपने ईमेल पे :
आपको इस आर्टिकल को पढने के लिए और इस पेज पे विजिट के लिए धन्यवाद | आपको ये आर्टिकल कैसा लगा हमें जरुर बताये निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में. आप अपना बहुमूल्य विचार निचे व्यक्त करें.

1 comments:

Write comments