Thursday, January 18, 2018

Umar Umar

When Will be made Daudnagar District | दाऊदनगर जिला कब बनेगा?

औरंगाबाद जिला बस आपको ये नाम ही काफी है! जब ये पहले जिला नही हुआ करता था तब ये मगध जिला का एक अनुमंडल था। लोग काफी मेहनत और आंदोलन कर के इसे एक अलग जिला बनाना चाहते थे। पहले पूरा मगध गया मिलाकर एक ही जिला था लोगो के कोई भी सरकारी काम उन्हें काफी दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ता था।काफी आंदोलन के बाद जब औरंगबाद को एक अलग 1973 ई. को एक जिला बनाया गया।लोगो की मेहनत रंग लाई। लेकिन औरंगाबाद जब जिला बना तो इसे अलग अलग ब्लॉक में विभाजित किया किया गया काफी बड़ा जिला होने के कारण लोग औरंगाबाद में दाउदनगर को अनुमंडल बनाने का आन्दोलन भी कर रहे थे। लगातार आंदोलन चला लगभग 17 साल तक आन्दोल के बाद दाउदनगर को अनुमंडल बनाया गया। दाउदनगर 1991 में अनुमंडल तो बन गया लेकिन अभी भी लोगो की दिक्कत नही गयी है इतनी आबादी हो गयी है। औरंगाबाद में अभी 11 ब्लॉक्स है लोग अगर नार्थ औरंगाबाद से किसी भी सरकारी काम से जिला मुख्यालय में जाते है तो आते आते शाम हो जाती है। लोग चाहते हैं कि अब  है यह जिला कब बनेगा? इसके लिए भी काफी आन्दोलन चला है लेकिन कोई अशर नही छोड़ा है। जिला बनने की तमाम अहर्ता पूरी करने वाला यह अनुमंडल आखिर जिला क्यों नहीं बनाया जा रहा है। किसी भी दृष्टिकोण से समीपवर्ती अरवल जिला बनने के काबिल नहीं था, मगर तब भी बना। हालाकि वजह नरसंहार की त्रासदी रोकने के लिए पुलिस जिला बनाया गया था और बाद में पूर्ण जिला बन गया। दाउदनगर में भी नक्सल गतिविधिया रही हैं। औरंगाबाद में वाम का अतिवाद इसी अनुमंडल के अलपा से विस्तार पाया था। क्षेत्रफल, मानव संसाधन, बुनियादी सुविधाओं के संदर्भ में देखें तो यह जिला बनने के काबिल है। इसके बावजूद यहा सबसे बड़ी कमी खलती रही है राजनीतिक नेतृत्व की। कभी ऐसा नेतृत्व नहीं उभरा और न ही अनुकूल राजनीतिक परिस्थिति बनी कि इसे जिला का दर्जा दिया जा सके। कभी बड़ा आंदोलन नहीं हुआ। हर बात पर आंदोलन करने वाली भाकपा माले को 1995 से 2005 तक दस साल का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला, किंतु उसने कभी इसे मुद्दा नहीं बनाया। इस मुद्दे पर अन्य राजनीतिक दल भी खामोश ही रहे। जिला बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष  ने मुख्यमंत्री तक माग को पहुंचाया है। इस बार चुनाव में भाजपा अपने एजेंडे में शामिल करने की घोषणा कर चुकी है। लेकिन इसका अभी तक कोई भी उम्मीद नजर नही आ रही है। वैसे सभी नेता तो इसे चुनावी मुद्दा बना कर तो बेशकीमती वोट ले लेते है बाद में किनारा कर लेते है। देखते है जिस 17 साल के आंदोलन से ये अनुमंडल बना हो सकता है कि यह जिला बन जाये।

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1 comments:

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Unknown
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July 30, 2018 at 9:36 AM delete

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