Monday, September 10, 2018

Aurangabadian

16 वर्ष बाद भी रफीगंज रेल एक्सीडेंट को याद कर सिहर उठते हैं जिले के लोग

रफीगंज रेल हादसा
Rafiganj rail hadsa Rafiganj train accident
जैसे ही सितम्बर महीने की नौ तारीख आती है लोगो के मन मे एक भयानक और खौफ का माहौल भयावह दृश्य याद आ जाती है। जी हां बात कर रहे हैं औरंगाबाद जिले के रफीगंज रेल खंड पे हुए भयानक रेल हादसे के बारे में । ठीक आज से 16 साल पहले 9 सितम्बर को एक भयानक हादसा हुआ था।

ये इतना भयावह था कि लोग आज तक भी उस एक्सीडेंट को भूल नही पाए है और जब भी याद आती है तो लोगो के आंखों में आंसू आ जाती है।

बताना चाहूंगा के  कि बीते नौ सितंबर 2012 को देर रात हावड़ा-राजधानी एक्सप्रेस रफीगंज के निकट धावे नदी में जा गिरी थी। दुर्घटना में 150 यात्री मारे गए थे।
दुर्घटना में ट्रेन की 18 में से 15 बोगियां नदी में जा गिरी थीं। दुर्घटना में कम-से-कम 150 यात्रियों की मौत हो गई थी। दुर्घटना के पीछे नक्सलियों का हाथ बताया गया था। इस रविवार  की रात्रि हादसे की 16 वीं बरसी थी।

प्रत्येक वर्ष पीडब्ल्यूआइ के अधिकारी एवं कर्मी कैंडल जला मृत यात्रियों को श्रद्धांजलि देते हैं। वे ऐसी दुर्घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कामना भी करते हैं। बीती रात रेल कर्मियों के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने रफीगंज दुर्घटना के मृतकाें को श्रद्धांजलि दी।

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