Monday, October 8, 2018

Aurangabadian

आजादी के 70 साल बाद भी यहाँ अभी तक पुल नही बन पाया

औरंगाबाद में चचरी पुल

औरंगाबाद आजादी के 7 दशक बीत गए और लोग कहा से कहा पहुँच गए और यहाँ पुल के इंतजार में आजादी के सात दशक बीत गए। ग्रामीण पुल का इंतजार कर रहे हैं परंतु जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं देते हैं।


आपसी सहयोग से किसी तरह चचरी का पुल बना ग्रामीण नदी पार करते हैं। नदी में जब पानी बढ़ जाती है तो ग्रामीणों की परेशानी भी बढ़ जाती है। ओबरा के कन्या इंटर विद्यालय के पास पुनपुन नदी पर ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से चचरी पुल का निर्माण कराया है। कुराईपुर, अमिलौना, मेहंदा, तेंदुआ समेत कई गांवों के ग्रामीण चचरी पुल पार कर अपने घर जाते हैं। बताया जाता है कि चचरी पुल के निर्माण में शिक्षक मो. रेजाउद्दीन के साथ मो. तारुख, अर¨वद कुमार, ज्वाला ¨सह, आनंद कुमार के साथ मिलकर ग्रामीणों ने पांच दिनों में चचरी पुल का निर्माण किया था। मो. रेजाउद्दीन ने चचरी पुल बनाने में मिसाल कायम की है। मो. रेजाउद्दीन ने बताया कि पिछले वर्ष भी पुल का निर्माण कराया गया था पर बरसात के दिनों में नदी में बाढ़ आने के कारण चचरी पुल खराब हो गया था।


जिससे नदी पार कर गांव जाने के लिए ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया था, जिसे देखते हुए चचरी पुल का निर्माण कराया गया है। इनपुट दैनिक जागरण


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