Monday, October 29, 2018

Aurangabadian

गांव के मिट्टी के दिये बनाने वाले कुम्हार को दिये को नही मिल रहे है खरीददार कुम्हार को भुखमरी की नौबत

मिट्टी के दिये mitti ke diye
मिट्टी के दिये mitti ke diye

मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुम्हार को प्रोत्साहन नहीं मिलने से दिनोंदिन इनकी आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है . मिट्टी के दीये बेचने वाले लोग बाजार में टकटकी लगाकर देखते रहते हैं कि हमारे दीये आज बिकेंगे की नहीं इस काम में लगे लोग अपने बच्चों को पुश्तैनी काम से दूर रख रहे हैं अपने बच्चों को जीविकोपार्जन के लिए दिल्ली , मुंबई कोलकाता जैसे सुदूर शहर में भेजने के लिए मजबूर है


, क्योंकि मिट्टी के बर्तन की मांग बाजार में कम हो गयी है . इसके जगह कागज एवं प्लास्टिक के बने गिलास कप , चाइनीज इलेक्ट्रॉनिक 


जुगनू लाइट ले लिया है , प्लास्टिक एवं कागज के बने बर्तन की मांग धड़ल्ले से बाजार में हो रही है जिससे पुश्तैनी कार्य में लगे कुम्हार धीरे - धीरे इस कार्य को लगभग छोड़ चुके हैं . बाजार में मांग नहीं होने से इनकी पुश्तैनी धंधा लगभग बंद हो चुका है जिसके कारण अपने बच्चों को बाहर बाहर किसी दूसरे सिटी में भेजने को मजबूर  है .



सोहराई प्रजापति का कहना है कि पूर्व में किसी के घर में शादी - विवाह एवं मांगलिक कार्य होते थे तो एक माह पूर्व से ही राम लोटा ( गिलास ) बनाने के लिए कहा जाता था और हजारों की संख्या में राम लोटा ( गिलास ) बनाया जाता था . जंगल के पत्तों से बनाए गए पत्तल एवं कुम्हार द्वारा बनाए गए गिलास 


का ही उपयोग भंडारा या प्रसाद ग्रहण करने के लिए लाया जाता था ,


लेकिन अब प्लास्टिक , कागज या थरमोकोल से बना बर्तन का उपयोग व्यापक पैमाने पर होने लगा जिससे मिट्टी के बर्तन की मांग घटती चली गई है . दीपावली पर्व आ रहा है , इसमें भी पूजन के लिए मिट्टी का दीया व बर्तन का ही उपयोग किया जाता , क्योंकि इसे शुद्ध माना जाता है वासुदेव प्रजापति , अर्जुन प्रजापति , सरोज कुमार प्रजापति विनय प्रजापति , शंकर प्रजापति , ब्रह्मदेव प्रजापति सहित अन्य लोगों ने बताया कि सरकार द्वारा हमें न तो कोई सब्सिडी दी जाती है



और न ही इस काम के लिए किसी प्रकार का प्रोत्साहन मिलता है ।  इनपुट प्रभातख़बर फ़ोटो livecity

अगर आप चाहते है की ऐसे ही बेहतरीन आर्टिकल पढना तो आप अपना ईमेल आई डी यहाँ डाले और सीधे पाए लेख अपने ईमेल पे :
आपको इस आर्टिकल को पढने के लिए और इस पेज पे विजिट के लिए धन्यवाद | आपको ये आर्टिकल कैसा लगा हमें जरुर बताये निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में. आप अपना बहुमूल्य विचार निचे व्यक्त करें.