Saturday, December 8, 2018

Aurangabadian

दाऊद खान किला का हुआ सौंदर्यीकरण अब लोग दूर दूर से लोग देखने आ सकेंगे

Daud khan kila daudnagar
Daud Khan killa Daudnagar


दाउदनगर औरंगाबाद दाऊद खान किला पुरातत्व विभाग की पहल के बाद दाउद खां के ऐतिहासिक किले की स्थिति बदली है किले का सौंदर्याकरण हुआ है पहले जहां लोग खुलेआम स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ाते हुए किला परिसर में खुले में शौच करते थे ,


गंदगी व्याप्त रहती थी , वह स्थान आज सुबह में सैर सपाटे का अड्डा बन गया है . पुरातत्व विभाग ने एक डेढ़ वर्ष पहले किला परिसर के सौंदर्याकरण के काम में लग गया था . लेकिन कभी धीमी तो कभी तेज गति से काम चलता रहा . इधर कुछ महीनों से काम पूरी तरह बंद दिख रहा है . हालांकि , यह पता नहीं चल पाया कितनी राशि से किला परिसर का सौंदर्याकरण करने की योजना है . लेकिन अब जो स्थिति है वह यह है कि किला परिसर के दोनों तरफ गेट लगा दिया गया है . दक्षिण पश्चिम की तरफ की चहारदीवारी करा दी गयी है . उत्तर की ओर चहारदीवारी नहीं करायी गयी है . HTवीं शताब्दी में हुआ था निर्माण दाउदनगर शहर के पुराना शहर में दाऊद खांकिला स्थित . ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार , 17 वीं शताब्दी में दाउद खां के किले का निर्माण हुआ था .


दाउद खां औरंगजेब के सिपहसालार थे . 1659 से 1664 तक वे बिहार के सूबेदार थे पलामू फतह के बाद बादशाह औरंगजेब ने दाऊद खां को अंछा मनोरा व दाउदनगर परगना भेंट किया था . इसके बाद दाउद खां किले का निर्माण कराया था .


किला परिसर में चारों तरफ पैदल पथ का निर्माण कराया गया है .
 पांच पीसीसी पथ बनाया गया है . कई जगहों पर लोगों को बैठने या आराम करने के लिए चबूतरा बनाया गया है . पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पौधा और फूल लगाने के लिए दर्जनों गेवियन बनाये गये हैं पौधे फूल लगने के बाद किला परिसर की सुंदरता काफी बढ़ जायेगी . ' 

जल निकासी व सफाई की व्यवस्था नहीं - 
" किला परिसर का सौंदकरण होने के बावजूद आश्चर्य की बात तो यह कि काम अब बंद हो गया है तो दूसरी ओर किला परिसर में बनाये गये पीसीसी पथ के किनारे चारों तरफ बड़ी - बड़ी झाड़ियां भी दिखती हैं . सफाई भी नहीं होती . किला परिसर में करीब 10 फुट चौड़ा पहुंच पथ का निर्माण किया गया है , लेकिन बीच की जो खाली पड़ी स्थान है उसमें से जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है . सफाई नहीं होने के कारण गंदगी व्याप्त दिखती है ।




किला परिसर के सौंदर्यकरण कार्य होने के बाद सबसे बड़ा लाभ यह दिख रहा है कि काफी संख्या में लोग सुबह शाम सुबह में मॉर्निग वॉक करने पहुंच रहे हैं . सुबह में खासकर महिलाओं की अच्छी - खासी भीड़ कला परिसर में देखी जाती है . शाम में भी स्वास्थ्य लाभ लिए लोग घुमने पहुंच रहे हैं . दिनभर बच्चे व किशोर किला परिसर में खेलते कूदते हैं . वैट करने पहुंचते हैं लोग

पत्राचार करने का दिया गया है निर्देश 
दाउद खां का ऐतिहासिक किला परिसर पुरातात्विक व ऐतिहासिक अवशेष है . इसके संरक्षण किये जाने की आवश्यकता है . यह स्थापत्य कले का अद्भुत उदाहरण है . नगर प्रबंधक व प्रधान सहायक को निर्देश दिया गया है कि पुरातत्व विभाग व पर्यटन विभाग से पत्राचार कर इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के लिए आवश्यक पहल करने का अनुरोध करें . जहां तक किला परिसर में प्रकाश की व्यवस्था की बात है तो यदि बिजली विभाग द्वारा बिजली तार व पोल की व्यवस्था कर दी जाती है तो इइसीएल के माध्यम से किला परिसर में लाइट लगवा दिये जायेंगे डॉ अमित कुमार नगर कार्यपालक पदाधिकारी नगर पर्षद दाउदनगर



अगर आप चाहते है की ऐसे ही बेहतरीन आर्टिकल पढना तो आप अपना ईमेल आई डी यहाँ डाले और सीधे पाए लेख अपने ईमेल पे :
आपको इस आर्टिकल को पढने के लिए और इस पेज पे विजिट के लिए धन्यवाद | आपको ये आर्टिकल कैसा लगा हमें जरुर बताये निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में. आप अपना बहुमूल्य विचार निचे व्यक्त करें.