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Sunday, December 2, 2018

Aurangabadian

पहली बार बिहार के खिलाड़ी भी आईपीएल नीलामी में लेंगे भाग


सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बिहार के क्रिकेटरों के बुरे दौर धीरे - धीरे समाप्त होने लगे हैं . पिछले 18 साल में क्रिकेट के कई पौध बर्बाद हो गये , लेकिन अब ऐसा नहीं होगा , विजय हजारे ट्रॉफी ( वनडे ) और रणजी ट्रॉफी में खेलने के बाद अब बिहार के क्रिकेटर इंडियन प्रीमियर लीग ( आईपीएल ) में भी चौका छक्का जड़ते नजर आयेंगे पहली बार बिहार के खिलाड़ी इस वर्ष होनेवाली आईपीएल की नीलामी में हिस्सा लेंगे . इसका खुलासा बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ( बीसीए ) द्वारा शनिवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ( बीसीसीआई ) के क्रिकेट ऑपरेशन के जीएम सबा करीम ने किया


सबा ने कहा कि बीसीए द्वारा चयनित खिलाड़ियों की सूची बीसीसीआई को भेजी जायेगी . उसके बाद आईपीएल कमेटी के पास यह सूची जायेगी जिस पर नीलामी में भाग लेने का निर्णय लिया जायेगा . उन्होंने ऑस्ट्रेलिया सीरीज पर कहा कि पृथ्वी शॉ के चोटिल होने )


से टीम पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है उम्मीद है टीम इस बार ऑस्ट्रेलिया सीरीज जीतेगी . मिताली राज के मामले पर सबा करीम ने ज्यादा कुछ नहीं बोला , लेकिन
यह जरूर कहा कि टीम के कोच रमेश पवार का कार्यकाल समाप्त हो गये है और नये कोच की तलाश शुरू हो गयी है . इसके पूर्व करीम ने बीसीए के कमेटी ऑफ मैनेजमेंट के साथ
बैठक भी की , जिसमें बीसीए सचिव रविशंकर प्रसाद सिंह , उपाध्यक्ष नवीन जमुआर कोषाध्यक्ष आनंद कुमार , सदस्य अमीकर दयाल प्रवीण कुमार , सीईओ सुधीर कुमार झा शामिल थे .




बिहार की मेजबानी सेखुशसबा , मोइनुल हक स्टेडियम का ग्राउंड बेहतर

सबा करीम ने कहा कि मैं मोइनुल हक स्टेडियम में बहुत खेला हूं . यहां सालों बाद रणजी ट्रॉफी का मैच हुआ . जिसमें बिहार ने सिक्किम पर बड़ी जीत हासिल की . बिहार में अगर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी के लिए सभी जरूरतें पूरी कर ली जाती हैं , तो यहां भी मैचों का आयोजन जरूर होगा . बीसीए इस ग्राउंड को फिर से अंतरराष्ट्रीय

पहचान दिलाने का प्रयास कर रहा है . बीसीसीआई से जो मदद मांगी जायेगी उसे पूरी करने का प्रयास किया जायेगा . जितने भी नये राज्य इस बार रणजी ट्रॉफी के मैच खेल रहे हैं . उनको हर प्रकार से बोर्ड मदद कर रहा है . फिलहाल बिहार इस वर्ष बोर्ड के कुल 14 मैचों की मेजबानी कर रहा , जो बड़ी बात है .
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Sunday, November 25, 2018

Aurangabadian

सीएम नीतीश कुमार ने कहा बालू की कीमत नही बढ़नी चाहिए| पिछले साल की कीमत पर दी जाए बालू


बालू लदा ट्रैक्टर
बालू लदा ट्रैक्टर

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खान एवं भूतत्व विभाग के अधिकारियों को यह सनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि लोगों को बालू के लिए ज्यादा कीमतें नहीं देनी पड़े इसकी विस्तृत समीक्षा कर आगे के लिए सुधारात्मक कदम उठाये जायें ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके . मुख्यमंत्री ने कहा कि ओवरलोडिंग से सड़कों की हालत खराब हो रही है


, इस पर प्रतिबंध का पालन भी सुनिश्चित हो , मुख्यमंत्री शनिवार को 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में खान एवं भूतत्व विभाग की समीक्षा कर रहे थे . सीएम के समक्ष खान एवं भूतत्व विभाग ने बालू खनन एवं अन्य विभागीय विषयों के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया . बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी मौजूद थे .


मुख्यमंत्री ने बालू की बढ़ी हुई कीमतों के संबंध में विस्तृत समीक्षा करने का निर्देश दिया . मुख्यमंत्री ने जानना चाहा कि जुलाई 
2017 के समय जो बालू की कीमतें थीं , उसकी तुलना में आज इतनी ज्यादा कीमतों की वजह क्या है . उन्होंने पूछा कि जिन्हें लीज दिया गया है , क्या वे अपने अधीन सबलीज देकर मनमानी दर पर बालू की बिक्री तो नहीं कर रहे हैं .


मुख्यमंत्री ने इन सब चीजों पर माइक्रो लेवल पर समीक्षा करने का निर्देश भी दिया . सीएम ने बैठक में साफ कहा कि 

बालू की दर नियंत्रित रहे और नियमों तथा तय मानक के अनुसार ही खनन हो . अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगे बैठक में खान एवं भूतत्व मंत्री विनोद कुमार सिंह मुख्य सचिव दीपक कुमार , पुलिस महानिदेशक केएस . द्विवेदी गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी , खान एवं भूतत्व विभाग की प्रधान सचिव अंशुली आर्या


मुख्यमंत्री के 
प्रधान सचिव चंचल कुमार , पुलिस महानिदेशक ( स्पेशल ब्रांच ) जेएस गंगवार , मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा , खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव असंगवा चुवाआवो विशेष सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय अनुपम कुमार , मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित खान एवं भूतत्व विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे . इनपुट प्रभातख़बर.
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Friday, November 23, 2018

Aurangabadian

एटीएम पर आफत बंद होजाएगा देश भर का आधा एटीएम मशीनें

Atm machine


बीते सालों में आबादी के बड़े हिस्से को बैंकिंग व्यवस्था में शामिल करने की प्रक्रिया तेज हुई है . जनधन योजना लाभुकों के खाते में सीधा भुगतान , डिजिटल लेनदेन , डाकघरों में वित्तीय गतिविधियां जैसी कोशिशों से आर्थिक समावेशीकरण को बढ़ावा मिला है . अर्थव्यवस्था के प्रसार के लिए सुविधाजनक वित्तीय लेन देन बहुत जरूरी है . इस संदर्भ में बड़ी संख्या में एटीएम मशीनों के बंद होने की आशंका बड़ी चिंता की बात है .


एटीएम की सुविधा उपलब्ध करानेवाले उद्योग की प्रतिनिधि संस्था ने कहा है कि रिजर्व बैंक के निर्देशों की वजह से लगभग 50 फीसदी एटीएम अगले साल मार्च के बाद बंद हो जायेंगे नये निर्देशों में मशीनों की तकनीक बेहतर करने के साथ नगदी का हस्तांतरण करनेवाली कंपनियों की वित्तीय क्षमता एक अरब रुपये करने तथा यातायात और सुरक्षा का स्तर बढ़ाने जैसी कड़ी शर्त रखी गयी हैं .


इन सुधारों पर एटीएम सेवा देनेवाली कंपनियों को बड़ा निवेश करना होगा . उनका कहना है कि चूंकि उनके पास पर्याप्त धन नहीं है , तो उन्हें मजबूरन बड़ी तादाद में एटीएम मशीनों को बंद करना
पड़ेगा नरमी बरतने और समय सीमा बढ़ाने के बैंकों और एटीएम कंपनियों के निवेदन को रिजर्व बैंक ने नामंजूर कर दिया है . अगर आधे एटीएम बंद होते , तो इसका सबसे ज्यादा खामियाजा ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों को भुगतना पड़ेगा इन खाताधारकों में बड़ी संख्या जन धन ग्रामीण रोजगार और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों की , नोटबंदी के बाद हर तरह के खाताधारकों और डेबिट कार्ड के उपभोक्ताओं की तादाद में बहुत इजाफा हुआ है , लेकिन एटीएम उद्योग में ठहराव का आलम है . यदि कंपनियां रिजर्व बैंक के निर्देशों पर अमल करती हैं


तो एटीएम की हर लेन देन पर उनके खर्च में छह से दस फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है . अनेक परेशानियों घिरे बैंक इस खर्च में हिस्सेदारी नहीं करना चाहते हैं . खर्च के अलावा एक मुश्किल यह भी है कि नियमन के पालन की समय - सीमा बहुत नजदीक आ चुकी है . इसमें कोई दो राय नहीं है कि बैंकिंग से जुड़े कई मसलों की तरह एटीएम सेवा में सुधार की दरकार है .


अक्सर मशीनों के खराब होने या नगदी नहीं होने की शिकायतें मिलती हैं . अपराध फर्जीवाड़ा और हिसाब में गड़बड़ी की दिक्कतें भी हैं . इनके हल के लिए बैंकों और एटीएम उद्योग को कदम उठाना चाहिए रिजर्व बैंक के निर्देश बैंकिंग प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रेरित हैं . लेकिन एटीएम सेवा देनेवाली कंपनियों की परेशानियों को भी नजरअंदाज करना ठीक नहीं होगा


ऐसे में जरूरी है कि बैंकों के संगठन और एटीएम कंपनियां रिजर्व बैंक के साथ मिलकर आसन्न संकट का संतुलित समाधान करने के प्रयासों पर ध्यान दें ताकि ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। स्रोत प्रभातख़बर
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